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मुनाफ़ा बाँटने वाली पार्टनरशिप के लिए

पार्टनर्स के पीछे भागना बंद,
साफ़ पता — किस पर कितना बाक़ी।

जब पार्टनर मिलकर धंधा चलाते हैं, तो चुपचाप भरोसा तोड़ने वाली चीज़ पैसा ही होती है। Sharebook हर पार्टनर की पूँजी, निकासी और मुनाफ़े के हिस्से की एक लाइव किताब है — ताकि फिर कभी पूछना न पड़े “किसने कितना निकाला?”

  • कभी भी बंद करें
  • कोई छिपा शुल्क नहीं
  • 100% सुरक्षित

14 दिन फ्री ट्रायल · Plans ₹1,999/वर्ष से, GST सहित · कीमत जीवनभर लॉक

Year-end settlement

Who gets what — settled to the paisa

FY 25–26
Distributable profit₹10,00,000
Partner A50% · entitled ₹5,00,000₹60,000is owed
Partner B30% · entitled ₹3,00,000₹40,000owes
Partner C20% · entitled ₹2,00,000₹20,000owes

Entitled = share of profit. Position nets off what each partner already drew.

Settle up
Partner BPartner A₹40,000
Partner CPartner A₹20,000
2 transfers · everyone square · zero disputes
असली समस्या

पार्टनरशिप काम से कम ही टूटती है। टूटती है पैसों से।

दो, तीन, पाँच लोग मिलकर कुछ खड़ा करते हैं। प्रोडक्ट ठीक है, ग्राहक खुश हैं — पर कोई पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि किसने कितना निकाला और साल के अंत में किसका कितना बनता है। यही अनिश्चितता अच्छी-भली पार्टनरशिप को चुपचाप खट्टा कर देती है।

स्प्रेडशीट बहक जाती है

एक पार्टनर निकासी दर्ज करना भूल जाता है। दूसरा पिछले महीने की शीट बदल देता है। तीन महीने में आँकड़ों पर किसी को पूरा भरोसा नहीं रहता — और हर कोई अपनी निजी कॉपी रखने लगता है।

“मेरा हिस्सा असल में कितना?”

मुनाफ़ा असली है, पर हर पार्टनर का टुकड़ा धुंधला। मालिकाना प्रतिशत, निकाली गई तनख़्वाह, वापस लगाया पैसा — हिसाब कभी पूरा मिलता नहीं, और बँटवारा तथ्य की जगह मोल-भाव बन जाता है।

साल का अंत यानी हिसाब-किताब की जंग

बारह महीनों की अधूरी-याद एंट्रियाँ सेटलमेंट पर आ टकराती हैं। किसने ज़्यादा निकाला? किसका बनता है? जोड़ कभी बैठता नहीं — और झगड़ा असल में भरोसे का होता है।

इलाज बेहतर स्प्रेडशीट नहीं है। इलाज है एक किताब जिस पर सबको भरोसा हो — जहाँ बँटवारा बहस नहीं, तथ्य हो।

Sharebook क्या करता है

पार्टनरशिप को जो-जो चाहिए, सब

पार्टनर असल में पैसा जैसे बाँटते हैं, उसी के लिए बना — एक और आम अकाउंटिंग टूल नहीं।

एक साझा किताब

आमदनी, खर्च, तनख़्वाह, निकासी और लगाई पूँजी — एक लाइव खाता-बही जो हर पार्टनर देखता है। न निजी कॉपियाँ, न घालमेल।

पार्टनर और सटीक हिस्से

हर धंधे और उसके पार्टनर्स को साफ़ मालिकाना प्रतिशत के साथ दर्ज कीजिए। हर किसी की हिस्सेदारी रिकॉर्ड पर, हमेशा सामने।

अपने-आप मुनाफ़ा बँटवारा

मुनाफ़ा हर पार्टनर के हिस्से से, आख़िरी इकाई तक बँटता है। न राउंडिंग का घपला, न चवन्नी पर झगड़ा।

सेटलमेंट इंजन

सीधे पार्टनर-से-पार्टनर या बिज़नेस के ज़रिए — Sharebook कम-से-कम ट्रांसफर निकालता है जिनसे सबका हिसाब बराबर हो जाए।

पार्टनर वॉलेट

हर पार्टनर के पास कितना कैश है बनाम कितना उसका बनता है — किसी की स्थिति कभी रहस्य नहीं रहती।

वित्तीय वर्ष

हर एंट्री एक वित्तीय वर्ष से जुड़ी — साफ़ सालाना सेटलमेंट और हमेशा के लिए ऑडिट-योग्य इतिहास।

पैसे का सटीक हिसाब, कई करेंसी

पैसे की गिनती सबसे छोटी इकाई में, हर करेंसी की अपनी परिशुद्धता। बैलेंस आख़िरी सिक्के तक सही — कभी कोई फ्लोटिंग-पॉइंट झटका नहीं।

सुरक्षित और रोल-आधारित

रोल और अनुमतियों के साथ JWT ऑथ। हर पार्टनर वही देखता है जो उसे देखना चाहिए — और वह कुछ नहीं जो नहीं।

कैसे काम करता है

तीन कदम में शुरू

पहली एंट्री से पूरे सेटल हुए साल तक — बिना साल के अंत के सिरदर्द के।

01

धंधा और पार्टनर जोड़िए

बिज़नेस बनाइए, पार्टनर्स को बुलाइए, और हर एक का मालिकाना हिस्सा तय कीजिए।

02

पैसा चलते ही दर्ज कीजिए

आमदनी, खर्च, निकासी और लगाई पूँजी — सब उसी एक साझा किताब में।

03

साल बंद कीजिए और सेटल कीजिए

Sharebook हर पार्टनर की स्थिति और बराबरी के सटीक ट्रांसफर निकाल देता है।

चलाकर देखिए

पूरी किताब, एक जगह

साल भर एंट्रियाँ कीजिए, सारांश बनते देखिए, और साल के अंत का सेटलमेंट खुद सुलझते देखिए। तीनों में वही डेटा — आँकड़े पाई-पाई मिलते हैं। क्लिक करके देखिए।

Acme Partners · FY 25–26
28 Mar
Sales invoice (GST)
Income
+₹8,00,000
15 Mar
Consulting income
Income
+₹2,00,000
10 Mar
Raw materials
Expense
₹1,80,000
05 Mar
Staff salaries
Salary
₹1,50,000
28 Feb
Office rent
Expense
₹1,20,000
20 Feb
Withdrawal · Aarav
Withdrawal
₹3,00,000
10 Feb
Marketing
Expense
₹50,000
30 Jan
Withdrawal · Meera
Withdrawal
₹1,00,000
15 Jan
Withdrawal · Rohan
Withdrawal
₹1,00,000

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किनके लिए

भारत की पार्टनरशिप के तौर-तरीक़ों के लिए बना

सूरत की डिस्ट्रीब्यूटरशिप से राजकोट की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तक — जहाँ भी पार्टनर पूँजी, निकासी और मुनाफ़ा बाँटते हैं, Sharebook आँकड़े ईमानदार रखता है।

होलसेल और डिस्ट्रीब्यूशन

सूरत की एक डिस्ट्रीब्यूटरशिप, तीन पार्टनर — हर कोई माल, भाड़े और अपने खर्च के लिए कैश निकालता है।

हर निकासी और पूँजी एक ही किताब में दर्ज। साल के अंत में मुनाफ़ा सटीक हिस्सों से बँटता है और Sharebook दिखा देता है किसने ज़्यादा निकाला — डायरियाँ मिलाना ख़त्म।

रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन

चार दोस्त, दो आउटलेट। किराया, तनख़्वाह और रोज़ का UPI कलेक्शन — जिसकी शिफ्ट, उसके हाथ से।

दोनों आउटलेट की आमदनी, खर्च और तनख़्वाहें एक खाता-बही में। पार्टनर वॉलेट दिखाते हैं धंधे का कैश किसके पास है।

क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर

तीन डॉक्टर एक लैब के साझा मालिक — हर कोई मासिक रक़म और मुनाफ़े का हिस्सा लेता है।

तनख़्वाह और मुनाफ़े का हिस्सा साफ़-साफ़ अलग। सेटलमेंट इंजन हर डॉक्टर को बताता है उसका कितना बनता है — आख़िरी पैसे तक।

मैन्युफैक्चरिंग और जॉब-वर्क

राजकोट की एक पार्टनरशिप यूनिट — दो पार्टनर कच्चे माल और मशीनरी में अलग-अलग रक़म लगाते हैं।

लगाई पूँजी हर पार्टनर के नाम दर्ज — मुनाफ़ा असमान हिस्सों पर भी इंसाफ़ से बँटता है, आधा-आधा नहीं।

रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन

पार्टनर प्रोजेक्ट-दर-प्रोजेक्ट पूँजी लगाते हैं, अलग-अलग समय निकालते हैं, और हिसाब प्रोजेक्ट बंद होने पर ही होता है।

वित्तीय वर्ष और प्रति-प्रोजेक्ट एंट्रियाँ हर चक्र साफ़ रखती हैं — प्रोजेक्ट सेटल हो तो पक्का, ऑडिट-योग्य इतिहास तैयार।

ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स

साइलेंट और वर्किंग पार्टनर वाली ट्रांसपोर्ट फर्म — डीज़ल, EMI और ड्राइवर तनख़्वाहें मिले-जुले हाथों से।

किसने किस जेब से क्या दिया, हमेशा साफ़ — और सबका हिसाब बराबर करने के कम-से-कम ट्रांसफर अपने-आप निकलते हैं।

पार्टनरशिप को ईमानदार रखिए — अपने-आप।

आज ही साझा हिसाब रखना शुरू कीजिए। मिनटों का काम है, और शुरुआत फ्री है।